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LTE और VoLTE में क्या है अंतर, कैसे करता है काम, जानें

नई दिल्ली (टेक डेस्क)। आजकल सभी स्मार्टफोन 4G VoLTE या फिर 4G LTE सपोर्ट के साथ आते हैं। क्या आप जानते हैं इन दोनों ही नेटवर्क सपोर्ट वाले स्मार्टफोन से क्या फायदा मिलता है और किस तरह से यह काम करता है? आज हम आपको इन दोनों ही नेटवर्क सपोर्ट वाली तकनीक के बारे में बताने जा रहे हैं।

LTE क्या है?

LTE को लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन कहा जाता है। भारत में 2012 में एयरटेल ने पहली LTE नेटवर्क सेवा की शुरुआत की थी। आमूमन LTE को 4G भी कहा जाता है। इस सेवा के दौरान आपके स्मार्टफोन में 4G स्पीड में इंटरनेट चलता है। इस नेटवर्क में हाई स्पीड बैंडविथ के साथ आप इंटरनेट का आनंद ले सकते हैं। हालांकि, इस नेटवर्क की खामी यह है कि अगर आप इसे अपने स्मार्टफोन में इस्तेमाल कर रहे हैं और आपके नंबर पर किसी का कॉल आ गया तो इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद हो जाती है। इसी को दूर करने के लिए VoLTE तकनीक का इस्तेमाल हाल के दिनों में होने लगा है। रिलायंस जियो भारत में VoLTE सेवा प्रदान करने वाली पहली टेलिकॉम कंपनी है।

VoLTE क्या है?

VoLTE का मतलब होता है वॉयस ओवर लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन। यह भी 4G नेटवर्क को सपोर्ट करता है। LTE की ही तरह ही इसमें भी आप हाई स्पीड इंटरनेट का आनंद ले सकते हैं। इस नेटवर्क के साथ अगर आप अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो कॉल आने की स्थिति में भी आपके फोन में इंटरनेट की स्पीड में कमी नहीं आती है। रिलायंस जियो के बाद से अब भारती एयरटेल एवं वोडाफोन इंडिया भी देश के ज्यादातर टेलिकॉम सर्किल में VoLTE सेवा शुरू करने के लिए टेस्टिंग कर रहे हैं। साथ ही कई सर्किल में यह सेवा शुरू भी हो चुकी है।

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