जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र जोधपुर में दम तोड़ती स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझती बेबस जनता के दर्द को लेकर आज शहर जिला देहात कांग्रेस (चिकित्सा प्रकोष्ठ) का आक्रोश फूट पड़ा। संगठन की जिला अध्यक्ष अंजली वैष्णव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों ने जिले की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार हेतु 9 सूत्रीय मांगों का एक भावुक व कड़ा ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जोधपुर संभाग के सबसे बड़े एमडीएम अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में भीषण गर्मी के बावजूद पिछले एक महीने से एसी बंद पड़े हैं, जो कि जिंदगी और मौत से जूझ रहे गंभीर मरीजों के लिए सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, मुफ्त दवा के दावों के बीच अस्पतालों से जीवन रक्षक दवाइयाँ पूरी तरह नदारद हैं, जिसके कारण लाचार तीमारदारों को बाहर से महंगे दामों पर दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ठेका प्रथा के कारण अस्पतालों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है।
इस 9 सूत्रीय ज्ञापन के जरिए हाल ही में पावटा जिला अस्पताल में हुए बेहद हृदयविदारक प्रकरण को उठाते हुए नेताओं ने प्रशासन को घेरा, जहाँ आवश्यक सर्जिकल सामान और ग्लव्स की कमी के कारण सिजेरियन प्रसव के बाद फैले संक्रमण से 8 प्रसूता माताओं की जान आफत में पड़ गई। इसके साथ ही ऐतिहासिक महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण अब मात्र एक ‘रेफरल डिस्पेंसरी’ बनकर रह गया है और उसकी जर्जर इमारत के चलते मरीज और स्टाफ हर वक्त खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का स्वास्थ्य तंत्र (सीएचसी/पीएचसी) भी पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे छोटे-छोटे इलाज के लिए ग्रामीणों को शहर की ओर दौड़ना पड़ रहा है।
इस संवेदनशील मौके पर जिला अध्यक्ष अंजली वैष्णव के साथ संगठन महासचिव इश्याक अहमद, महावीर जाणी, गोपालराम जाणी, मांगीलाल जाणी, महीराम विश्नोई, भागीरथ जाणी, ईश्वरलाल कावी और सलमान मेहर सहित शहर के कई गणमान्य लोग व चिकित्सा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता एकजुट नजर आए।
अंजली वैष्णव ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए साफ लहजे में कहा कि अस्पतालों में फैली यह बदहाली और माताओं-मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने इन संवेदनशील 9 सूत्रीय मुद्दों पर तुरंत संज्ञान लेकर व्यवस्थाओं को पटरी पर नहीं लाया, तो देहात कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
