महिलाओं की साहित्यिक संस्था संभावना ने आयोजित किया पुस्तक विमर्श, शिवानी पुरोहित की रचना पर हुआ गहन संवाद
“पाठक के मन में शुरू होकर वहीं पूरी होती है प्रेम की इबारत”
जोधपुर। महिलाओं की साहित्यिक संस्था संभावना की ओर से लेखिका शिवानी पुरोहित की पुस्तक प्रेम की इबारत पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन डॉ मदन सावित्री डागा साहित्य भवन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध राजस्थानी उपन्यासकार बसंती पवार ने की।
कार्यक्रम का समाहार करते हुए कमलेश तिवारी ने कहा कि “प्रेम की इबारत में कहानी लेखक से निकलकर पाठक के मन में प्रवेश करती है और वहीं जाकर पूर्ण होती है।” उन्होंने शिवानी पुरोहित की रचनाओं को एक सॉफ्टवेयर कोड की संज्ञा देते हुए कहा कि इसकी डिकोडिंग पाठकों के हृदय में होती है।
लेखक संवाद सत्र में डॉ शालिनी गोयल ने शिवानी पुरोहित की लेखन यात्रा, रचनात्मक दृष्टि और साहित्यिक संवेदनाओं पर प्रश्न करते हुए पाठकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। वरिष्ठ साहित्यकार राकेश मुथा ने कहा कि साहित्यकार को सदैव असंतृप्त रहना चाहिए, क्योंकि यही भाव सृजन को जीवंत बनाए रखता है।
कार्यक्रम में श्रीमती संतोष चौधरी द्वारा लिखित पत्र का वाचन रेनू वर्मा ने किया। पूरे आयोजन का संचालन डॉ सूरज माहेश्वरी ने किया।
इस अवसर पर डॉक्टर पद्मजा शर्मा, खेमकरण लालस, डॉ चांद कौर जोशी, डॉ सुमन बिस्सा, सुशीला भंडारी, आशा पाराशर, डॉ अंजना चौधरी, काव्यांशी, अमिता भंडारी, डॉ मनीषा डागा, रेणुका श्रीवास्तव, डॉ पूजा राजपुरोहित, कमला सुराणा, हरिप्रकाश राठी, प्रमोद वैष्णव, राजकुमार जोशी, सुनील ओझा, कल्याण विश्नोई, सुरभि खींची सहित शहर के अनेक साहित्यकार, साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






