नई दिल्ली, प्रेट्र। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि राज्यसभा की प्रतिष्ठा और शिष्टाचार को बहाल करना मेरी ‘तत्काल’ प्राथमिकता है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गड़बड़ी वाले सदस्यों के लिए संसदीय नियमों को पुर्नव्यवस्थित करने की आवश्यकता है।
वेंकैया नायडू ने पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के लिए ‘दल बदल विरोधी कानून’ में बदलाव का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्षों को तीन महीने के भीतर सदस्यों के खिलाफ दलों द्वारा शिकायतों का निपटारा करना चाहिए।
नायडू ने पार्टी के प्रति निष्ठा बदलने वाले सदस्य के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने के तीन महीने के भीतर अधिकारियों की अध्यक्षता को निर्णय लेने और त्वरित निपटारा करने के लिए चुनाव से संबंधित याचिकाओं के लिए विशेष अदालतों की स्थापना के फैसले सहित कई सुधारों का भी सुझाव दिया। जो लोग अपनी पार्टियां छोड़ते हैं, उन्हें सदन की सदस्यता भी छोड़नी चाहिए। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए दल-बदल कानून में सुधार के बारे में बताया।
नायडू, जिन्होंने पिछले महीने एक साल में कार्यालय पूरा किया था, ने कहा कि यह न्यूनतम नैतिक जिम्मेदारी है। मैं इसे एक संवैधानिक जिम्मेदारी बनाना चाहता हूं। नैतिकता का पालन कुछ करते हैं और कुछ नहीं। मौजूदा कानून दोषियों के खिलाफ राजनीतिक दलों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों का निपटारा करने के लिए अधिकारियों की अध्यक्षता के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं करता है।
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