मियों की मस्जिद, नागोरी गेट पर लगा लंगर-ए-शर्बत, हिन्दू-मुस्लिम एकता का दिया संदेश
जोधपुर। मोहर्रम एवं एकादशी के पावन अवसर पर जोधपुर में एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और साम्प्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। शहर के मियों की मस्जिद, नागोरी गेट पर हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक स्वरूप लंगर-ए-शर्बत का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर सेवा कार्य किया।
यह आयोजन हज़रत सैय्यद मोईन अशरफ़ अल जिलानी, सदर दारूल उलूम फैय्याजिया की सरपरस्ती में नवीन रावल एवं सरफूदीन शेख मसूदी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को शर्बत एवं ठंडा पानी पिलाकर मानव सेवा, आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सेवा कार्य में सहयोग किया।
इस अवसर पर हाजी हमिम बक्स, इंसाफ़ अली, मेहबूब खान भुर्जी, महका संसार, इम्तियाज भाई, प्रदीप लाडला, रमज़ान भाई मिनाई, रईस भाई मिनाई, विनोद जी, नदीम अंदाज, राजकुमारी जी, जेटी देवी सेन, पूजा सेन, मनीष शर्मा एवं सेरू महेश सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि जोधपुर की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी प्रेम और भाईचारे से है। उन्होंने कहा कि त्योहार किसी भी धर्म का हो, शहरवासी मिल-जुलकर उसे मनाते हैं और यही सामाजिक सौहार्द जोधपुर की सबसे बड़ी ताकत है।
