जोधपुर केन्द्रीय कारागृह जोधपुर में बंद विचाराधीन बंदी सुभाष कुमार द्वारा हाल ही लगाये गये सभी आरोपों को प्रशासन ने पूरी तरह मिथ्या एवं आधारहीन बताया है। इसमें यह आरोप लगाया गया था कि उसके साथ कारागृह में बंद बंदी बरकत अली एवं मारूफ द्वारा मारपीट की गई एवं उनके द्वारा सुभाष कुमार पर जबरन धर्म परिवर्तन करवाने एवं धर्म विरोधी किताब तथा धर्मान्तरण की पुस्तक पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा है तथा ऐसा करने से इन्कार करने पर मारपीट एवं डराया धमकाया जा रहा है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट, शहर-प्रथम, जोधपुर डॉ भास्कर विश्नोई ने इस बारे में प्रकाशित समाचार के संबंध में केन्द्रीय कारागृह जोधपुर के अधीक्षक से जांच के उपरांत प्राप्त तथ्यात्मक प्रतिवेदन के अनुसार बताया कि केन्द्रीय कारागृह जोधपुर में बंद विचाराधीन बंदी सुभाष कुमार को महानिरीक्षक कारागार राजस्थान जयपुर के आदेश दिनांक 16 दिसंबर, 2022 को जिला कारागृह जालोर से केन्द्रीय कारागृह जोधपुर में स्थानान्तरण पर दाखिल किया गया।
उन्होंने बताया कि तथ्यात्मक प्रतिवेदन के अनुसार विचाराधीन बंदी सुभाष कुमार को प्रातः 11 बजे पानी लेने जा रहा था, तभी अन्य बंदी बरकत अली एवं मारूफ से टकराने पर उनके बीच में बहस एवं गाली-गलोच हो गई, जिन्हें ड्यूटी प्रहरी पुखराज (बेल्ट नं. 5152) द्वारा छुड़वाकर अलग किया। इसी दौरान आपसी झगड़े में सुभाष के नाक पर चोट आने से स्थानीय डिस्पेन्सरी एवं महात्मा गांधी चिकित्सालय में उपचार करवाया गया तथा चिकित्सकीय परीक्षण उपरांत बंदी को पुनः कारागृह में दाखिल करवा दिया गया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने इस मामले में जबरन या किसी भी तरीके से धर्म-परिवर्तन करवाने, धर्म विरोधी या धर्मान्तरण से संबंधित कोई भी किताब/साहित्य पढ़ने के लिए दबाव डालने या इसके लिए दुष्प्रेरित करने से संबंधित समाचार को पूर्णतया मिथ्या एवं आधारहीन बताया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट डॉ भास्कर विश्नोई ने बताया कि कारागृह परिसर में सभी बंदियों को अपनी धार्मिक मान्यता एवं विश्वास के पालन की पूर्ण स्वतंत्रता है तथा जेल परिसर में किसी प्रकार का धर्मान्तरण या धर्म विरोधी कोई साहित्य/ किताब नहीं पायी गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंदी सुभाष कुमार द्वारा लिखित में यह स्वीकार किया गया है कि उसके द्वारा भावावेश में मीडिया के सामने धर्मान्तरण संबंधित बात कह दी थी जबकि धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने या धार्मिक किताब/साहित्य जबरदस्ती पढ़वाने से संबंधित कोई बात नहीं थी तथा वह किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं चाहता है।
[the_ad id="14784"]
[the_ad id="14787"]
What is the capital city of France?

