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तुम जब उर्दू सी गुजरती हो, मैं हिंदी सा चमकता हूं..

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  • चंडीगढ़ में आयोजित ‘लम्हे’ में जोधपुर के साहित्यकार डॉ. आकाश मिड्ढ़ा ने की शिरकत
    जोधपुर। द अनट्यून्ड आर्टिस्टस की ओर से बार्गेन बूज़ कैफ़े, चंडीगढ़ में आयोजित ओपन माइक कार्यक्रम ‘लम्हे’ में जोधपुर के युवा साहित्यकार डॉ. आकाश मिड्ढा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जिसमें उन्होंने ‘तुम जब उर्दू सी गुजरती हो, मैं हिंदी सा चमकता हूं, बड़ी एहतियात से कूचे से उनके गुजरना था, क्या मालूम था कि इस उम्र में काम ये भी करना था’ जैसी खूबसूरत रचनाओं से समां बांधा।
    कार्यक्रम संयोजक प्रत्यक्ष दीक्षित ने बताया कि सोशल मीडिया पर फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से डॉ. आकाश मिड्ढा की शायरी और कविताओं से रूबरू होने अवसर मिला। उनकी प्रतिभा और साहित्य के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को देखते हुए हमनें उन्हें इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि आमंत्रित करने का निर्णय लिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि इस ओपन माइक कार्यक्रम में पंजाब के साथ-साथ अन्य राज्यों से आये हुए युवा कवि, शाइर, गायक, कहानीकार, हास्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न विधाओं एवं कलाओं से संबंधित युवा कलाकारों को एक मंच पर लाया जाता है और यह कार्यक्रम हर माह अलग-अलग जगह आयोजित किया जाता हैं। दीक्षित ने कहा कि जल्द ही हम डॉ. मिड्ढा के सान्निध्य में जोधपुर में इस तरह के आयोजन करवाने का प्रयास करेंगे।
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