Sanchar Sarthi

फूल प्यालों की रस्म में अक़ीदमन्दों का उमड़ा सैलाब, कर्बला के शहीदों की याद में उस्तादों का हुआ सम्मान

जोधपुर। मोहर्रम पर्व के तीसरे दिन मनाई जाने वाली तीजे की फातिहा फूल प्यालों की रस्म अकीदत के साथ अदा की गयी। मोहर्रम एकता कमेटी अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्स ने बताया सोमवार रात 10 बजे फूल प्यालो की रस्म के लिए कारवां बम्बा मोहल्ला से रवाना होकर हाथीराम का ओडा, पन्ना निवास, घंटाघर, माणक चौक ढोल-तासों, करतब दिखाते एवं या इमाम, या हुसैन की सदाओं के साथ माणक चौक पहुंचा।

प्रवक्ता माज़िद खान ने बताया माणक चौक में उस्ताद हाजी हमीम बक्ष के सानिध्य में सभी क्षेत्रों के मोहर्रम, ढोल इंचार्ज एकत्रित होकर लखारा बाजार ढोल-तासों, अखाड़े के उस्ताद करतब दिखाते हुए समूह के रूप में पहुंचे। लखारा में उस्ताद अ. रज्जाक खान अवार्ड से उस्ताद हाजी हमीम बक्ष, इंसाफ अली भाईजान, फिरोज खान, अमजद बक्ष, उस्ताद सुबराती खान, उस्ताद कमरुद्दीन, उस्ताद मो. फारूक, रईस बक्ष, फैजान, नियाज, दानिश सहित तमाम अखाड़े, मोहर्रम, ढ़ोल इंचार्जो को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। देर रात कटला बाजार में पहुंचकर फूल-प्यालों की रस्म का समापन हुआ।

मोहर्रम-ढ़ोल इंचार्ज एवं अखाड़ों के उस्तादों का हुआ सम्मान, संयोजक कलाम खान ने बताया कि हमदर्द वजिर्श कल्ब उस्ताद अ. वहीद खान द्वारा सभी मोहर्रम, फूल प्याले, अखाड़े के उस्तादों व ढ़ोलों के इंचार्ज को रज्जाक उस्ताद अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन हाजी अ. कय्यूम खान, अ. सलाम खान, राज मोहम्मद खान, सराज मो. खान, हसीब खान ने किया। हाजी हमीम बक्ष ने शान्ति-सौहार्द व कौमी एकता के साथ पर्व के समापन पर आभार जताया