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समाज के युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाना बुद्धिजीवियों एवं साधु संतों का दायित्व: विधायक किसनाराम विश्नोई

जांभाणी साहित्य अकादमी बीकानेर एवं विश्नोई समाज जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में पांच दिवसीय संस्कार शिविर एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का समापन

जोधपुर। प्रतिभा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल जोधपुर में चल रहे जांभाणी संस्कार शिविर का आज समापन हो गया। जांभाणी साहित्य अकादमी बीकानेर एवं बिश्नोई समाज जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संस्कार शिविर के समापन एवं साहित्य ज्ञान परीक्षा के संत श्री रणधीर बाबल राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह के समापन के अवसर पर उद्बोधन देते हुए लोहावट के विधायक किसनाराम बिश्नोई ने कहा कि समाज के बुद्धिजीवी और जागरूक वर्ग तथा साधु-संतों का यह दायित्व बनता है कि हम हमारी युवा पीढ़ी को संस्कारित करें। विधायक बिश्नोई ने जांभाणी साहित्य अकादमी द्वारा संस्कार शिविर आयोजित करने एवं प्रतिभाशाली बालकों को पुरस्कृत करने के लिए किए जा रहे समाज हितेषी कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि हमारा सबका दायित्व है कि समाज के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए हम संस्कार जिंदा रखें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई ने कहा कि जांभाणी साहित्य अकादमी द्वारा समाज के बच्चों के लिए किए जा रहे रचनात्मक कार्यक्रम समाज की युवा पीढ़ी को संस्कारित करने में मील का पत्थर साबित होंगे। युवा पीढ़ी समाज और देश का भविष्य है। जिस समाज के युवा संस्कारित होगा वही समाज इस भौतिक युग में अपना अस्तित्व बनाए रख पाएगा।  आईपीएस देवेंद्र विश्नोई ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता पिता अपने बच्चों को जैसी शिक्षा देंगे  वैसा ही उन बालकों का भविष्य होगा। संस्कारों की शिक्षा माता-पिता से शुरू होती है फिर बालक स्वयं अपने माता-पिता के आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ता है। हमारे बालकों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने जरूरी है। जांभाणी साहित्य अकादमी की अध्यक्षा प्रो. डॉक्टर इंद्रा विश्नोई ने सभी अतिथियों को गुरु जंभेश्वर जी का साहित्य भेंटकर स्वागत किया। डॉ कृष्ण लाल विश्नोई द्वारा संत श्री रणधीर जी बाबल की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। अकादमी के महासचिव विनोद जंभदास द्वारा जांभाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा पर प्रकाश डाला गया। शिविर प्रभारी डॉ भंवरलाल उमरलाई ने शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।भामाशाह इंजी रमेश बाबल, पप्पू राम डारा, सुखराम बोला, रावल जाणी, निर्मल गहलोत द्वारा साहित्य ज्ञान परीक्षा एवं संस्कार शिविर के लिए अकादमी को आर्थिक सहयोग किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिविर प्रभारी डॉ भंवरलाल उमरलाई एवं शिविर संयोजक डॉ महेश धायल द्वारा किया गया। समापन समारोह में शिविर की गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बालकों, तथा साहित्य ज्ञान परीक्षा मैं मेरिट पर आने वाले परीक्षार्थियों, परीक्षा प्रभारियों,एवं भामाशाहको पुरस्कृत किया गया।अकादमी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजाराम धारणीया ने सभी मेहमानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में श्रीमहंत शिवदास शास्त्री, समाजसेवी सुरेश डउकिया, अकादमी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बनवारी लाल साहू, राजाराम धारणिया, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो डॉ मंगलाराम बिश्नोई, एडीएम भागीरथ विश्नोई, आईआरएस सुनील बिश्नोई,प्रतिभा पब्लिक स्कूल के निदेशक बबीता गोदारा, मोहनलाल लोहमरोड सेवानिवृत्त वीडिओ,अकादमी के पूर्व महासचिव एवं सह आचार्य  डॉ सुरेंद्र कुमार खीचड़, गुरु जंभेश्वर पर्यावरण संरक्षण शोध पीठ के निदेशक डॉ ओपी बिश्नोई, अकादमी के कोषाध्यक्ष डॉ बी एल बिश्नोई, इंजीनियर आरके विश्नोई, डॉ लालचंद बिश्नोई,समाजसेवी डिंपल विश्नोई, डूंगर कॉलेज के प्रो अनिला, अकादमिक निदेशक महेंद्र विश्नोई, एसीबीईओ जयप्रकाश विश्नोई,शंकर सिंह खोखर,वरिष्ठ अध्यापक रामचंद्र जाणी,श्याम सोहू नेमीचंद धायल श्रीराम तेतरवाल,हरिराम खीचड़, इंजी रुपाराम, पर्यावरणविद खम्मू राम बिश्नोई,प्रतिभा गोदारा, प्रतिभा स्कूल के प्रधानाचार्य रितु बाला, भाखर राम पटेल,सम्मानित शिक्षक मोहनलाल, ओमप्रकाश विश्नोई, डॉ रामस्वरूप जंवर, मदन विश्नोई,व्याख्याता अशोक, मालाराम बिश्नोई, देवाराम कांवा, विनोद काकड़, पृथ्वी सिंह गिला, इंद्रजीत डबवाली, आत्माराम पूनिया, रामसिंह कस्वा, सुग्रीव कड़वासरा,जगदीश काकड़, महावीर डागा,चंद्रभान बिश्नोई, किसनाराम बाबल, भागीरथ बाबल,महिपाल जाणी, लूणदास वैष्णव, सहित पंजाब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली राजस्थान तथा देश के कोने कौने से आए हुए प्रतिभाशाली परीक्षार्थी एवं उनके अभिभावक, जोधपुर जिले के साहित्य ज्ञान परीक्षा के परीक्षा प्रभारी, सहप्रभारी एवं विश्नोई समाज के प्रबुद्ध नागरिक, संस्कार शिविर में भाग लेने वाले बालक उपस्थित थे।

 

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